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'एकता और विविधता भारत के DNA में है', न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर पर बोले मोहन भागवत

 Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 30, 2026 07:12 am IST,  Updated : Aug 30, 2026 07:59 am IST

न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। लोगों का पहनावा, रहन-सहन, शरीर और पूजा-पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन उनके बीच एक जन्मजात जुड़ाव है।

Mohan bhagwat, RSS- India TV Hindi
मोहन भागवत, संघ प्रमुख Image Source : ANI

न्यूयॉर्क: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में भारत की विविधता, एकता, मानवता और आध्यात्मिक विकास को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एकता और विविधता भारत के DNA में है। इस कार्यक्रम में 5 हजार से अधिक भारतीय मूल के अमेरिकी शामिल हुए, जबकि 30 देशों के करीब 180 धार्मिक नेता भी शामिल हुए।

इंसानियत सभी धर्मों से ऊपर 

संघ प्रमुख ने कहा कि लोगों का पहनावा, रहन-सहन, शरीर और पूजा-पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन उनके बीच एक जन्मजात जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि इंसानियत सभी धर्मों से ऊपर है और अलग-अलग रास्ते अंततः एक ही सत्य की ओर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का दायित्व है कि वह स्वयं ‘विविधता में एकता’ को महसूस करे और समय-समय पर पूरी दुनिया को भी इसका एहसास कराए। उन्होंने मानव जीवन में आध्यात्मिक विकास को भी जरूरी बताया।

संघ प्रमुख ने कहा कि मनुष्य के पास सोचने की क्षमता है और यही उसकी विशेषता भी है। लेकिन वह किस दिशा में सोचता है यह महत्वपूर्ण है। अगर आप सही तरीके से सोचते हैं तो ईश्वर के करीब जाते हैं और गलत तरीके से सोचते हैं तो पशुता की ओर चले जाते हैं। संघ प्रमुख ने समाज में दो तरह की प्रवृतियों का भी उल्लेख किया। एक प्रवृति है 'जियो और जीने दो' जबकि दूसरी ऐसी है जिसमें व्यक्ति केवल उन्हीं लोगों को जीने देना चाहता है जो उसकी बात मानें। 

RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, "कई भारतीय परंपराओं में कई नाम हैं, लेकिन यह सच है जो हम सभी को जोड़ता है। हमारे अलग-अलग शरीर, अलग-अलग कपड़े, अलग-अलग पूजा, सब कुछ अलग होने के बावजूद, एक ही धागे से बुने हुए हार के मोतियों की तरह, यह आत्मा हर किसी में है और यह हम सभी को जोड़ती है।"

कर्मभूमि के प्रति वफ़ादार रहना चाहिए

RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा, "अमेरिका में रहने वाले भारतीय लोगों का अपनी कर्मभूमि के प्रति एक फ़र्ज़ है और उन्हें उसे पूरा करना चाहिए। उन्हें अपनी कर्मभूमि के प्रति वफ़ादार रहना चाहिए। क्योंकि भारत उनकी जन्मभूमि है, अगर उनमें कुछ करने की इच्छा है, तो वे अपनी कर्मभूमि के प्रति अपना फ़र्ज़ पूरा करने के बाद वह कर सकते हैं, यह मना नहीं है। लेकिन यह ज़रूरी नहीं है। आपकी जन्मभूमि आपसे उम्मीद करती है कि आप उन मूल्यों पर जिएं जो उसने आपको दिए हैं।"

इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में ‘वन वर्ल्ड वन ह्यूमैनिटी’ कार्यक्रम में धर्म, मानवता और भारत की परंपराओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक सोच रही है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन मानवता एक है। मोहन भागवत ने कहा कि यदि कोई हिंदू यह सोचता है कि भारत में कोई मुस्लिम नहीं होना चाहिए, तो वह एक हिंदू नहीं रह जाएगा

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